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Showing posts from October, 2023

मानव में लिंग निर्धारण , SEX DETERMINATION IN HUMANS

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  मानव में लिंग निर्धारण ( SEX DETERMINATION IN HUMANS ) :- मनुष्य में 46 क्रोमोसोम 23 जोड़े में व्यवस्थित रहते हैं । इनमें 22 जोड़े क्रोमोसोम नर एवं मादा दोनों में एक ही समान होते हैं जिन्हें अलग क्रोमोसोम या ऑटोसोम कहा जाता है तेइसवाँ जोड़ा भिन्न प्रकार का होता है , जिसे लिंग- क्रोमोसोम कहते है । ये दो प्रकार के होते हैं- X और Y X क्रोमोसोम लंबा और छड़नुमा ( rod-shaped) होता है , Y क्रोमोसोम अपेक्षाकृत बहुत छोटे आकार का होता है । नर में X और Y दोनों लिग क्रोमोसोम मौजूद होते हैं , पर मादा में Y क्रोमोसोम अनुपस्थित होता है । उसके स्थान पर एक और X क्रोमोसोम होता है , अर्थात मादा में दो X क्रोमोसोम लिंग-क्रोमोसोम के रूप में होते हैं । ये X और Y क्रोमोसोम ही मनुष्य में लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदायी होते हैं । जैसा कि आप जानते है कि युग्मको ( gametes) के निर्माण के समय अर्धसूत्री विभाजन होता है इसके फलस्वरूप X और Y क्रोमोसोम अलग-अलग युग्मकों में चले जाते हैं । इससे शुक्राणुओं या तर युग्मको के दो प्रकार हो जाते है - X क्रोमोसोमसहित एवं Y क्रोमोसोम सहित यानि 50 प्रतिश...

टर्नर्स सिंड्रोम , TURNER'S SYNDROME

  टर्नर्स सिंड्रोम ( TURNER'S SYNDROME ) :–   जब मनुष्य के द्विगुणित क्रोमोसोम में से एक की कमी हो जाती है तो यह सिंड्रोम उत्पन्न होता है । इस प्रकार यह - मोनोसोमी ( 2n -1) का उदाहरण है । इसमें मानव शरीर में क्रोमोसोम की संख्या 45 रह जाती है । यह संलक्षण नारियों में पाया जाता है । इस संलक्षण में नारियों के अंडाशय ( ovary) अपरिपक्व ( immature) होते हैं तथा इनमें द्वितीयक लैंगिक लक्षणों ( secondary sexual characters) का अभाव रहता है । ऐसी स्त्रियाँ बाँझ होती हैं यानि बच्चे पैदा करने की क्षमता इनमें नहीं रहती है ।

डाउन्स सिंड्रोम ( DOWN'S SYNDROME )

  डाउन्स सिंड्रोम ( DOWN'S SYNDROME ) :- जब मनुष्य के 21 वीं जोड़े के क्रोमोसोम में एक क्रोमोसोम की वृद्धि हो जाती है तो डाउन संलक्षण , या डाउन्स सिंड्रोम नामक बीमारी बच्चों में उत्पन्न होती है । इस प्रकार यह ट्राइसोमी ( 2n +1 ) का उदाहरण है । इस प्रकार के रोगी की हर कोशिका में 47 क्रोमोसोम पाए जाते हैं । हालाँकि मानव कोशिका का 21 वाँ क्रोमोसोम सबसे छोटा होता है , लेकिन इसकी संख्या में एक की वृद्धि होने के चलते रोगी का कद छोटा , सिर गोल , जीभ मोटा एवं मुँह आंशिक तौर पर खुला रहता है । ऐसे रोगी मंदबुद्धि होते हैं तथा श्वास संबंधी संक्रमण इनमें आसानी से हो जाता है । इनकी हथेली असामान्य रहती है एवं इनके हृदय में दोष रहता है । लैंगडन डाउन ( Langdon Down) ने 1866 में इस विकार की खोज की , इसलिए इसे डाउन संलक्षण कहा जाता है । इस रोग से प्रसित बच्चे देखने में मंगोलियन ( mongolian race) के समान लगते हैं , इसलिए इसे मंगोलियन संलक्षण भी कहते हैं । सामान्यतः ऐसे बच्चे 8 से 12 वर्ष की उम्र तक ही जीवित रहते है ।

ORIGIN OF LIFE , जीवन की उत्पत्ति

  ORIGIN OF LIFE   :- जीवन ब्रह्मांड का हिस्सा है और दोनों एक साथ एक दूसरे से जुड़े हुए हैं हम जानते हैं कि जीवन अणुओं का सबसे अनूठा जटिल संगठन है जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से खुद को अभिव्यक्त करता है ।   जो विकास , जवाबदेही , अनुकूलन और प्रजनन का कारण बनता है जो कि हमारे ब्रह्मांड में प्राप्त हुआ है जीवन की उत्पत्ति ब्रह्मांड के इतिहास की एक अनोखी घटना है ।   1.   ANCIENT THEORIES OF ORIGIN OF LIFE :- A. Theory of special creation :- A/C to Spanish priest father Saurez ( 1548 - 1617 BC ) , the whole universe was created in six days by the god 1st days : - Earth and Heaven 2nd days : -   sky 3rd days   :-   land and vegetation 4th days   :-   sun ,moon , and other palnet 5th days   :-   fishes and birds 6th days   :-   human and other animal . This theory was based on some supernatural power .   B. THEORY OF SPONTANEOUS GENERATION OR ABIOGENESIS   :- इस मत के अनुसार अ...