डाउन्स सिंड्रोम ( DOWN'S SYNDROME )
डाउन्स सिंड्रोम ( DOWN'S SYNDROME ) :- जब मनुष्य के 21 वीं जोड़े के क्रोमोसोम में एक क्रोमोसोम की वृद्धि हो जाती है तो डाउन संलक्षण , या डाउन्स सिंड्रोम नामक बीमारी बच्चों में उत्पन्न होती है । इस प्रकार यह ट्राइसोमी ( 2n +1 ) का उदाहरण है । इस प्रकार के रोगी की हर कोशिका में 47 क्रोमोसोम पाए जाते हैं । हालाँकि मानव कोशिका का 21 वाँ क्रोमोसोम सबसे छोटा होता है , लेकिन इसकी संख्या में एक की वृद्धि होने के चलते रोगी का कद छोटा , सिर गोल , जीभ मोटा एवं मुँह आंशिक तौर पर खुला रहता है । ऐसे रोगी मंदबुद्धि होते हैं तथा श्वास संबंधी संक्रमण इनमें आसानी से हो जाता है । इनकी हथेली असामान्य रहती है एवं इनके हृदय में दोष रहता है । लैंगडन डाउन ( Langdon Down) ने 1866 में इस विकार की खोज की , इसलिए इसे डाउन संलक्षण कहा जाता है । इस रोग से प्रसित बच्चे देखने में मंगोलियन ( mongolian race) के समान लगते हैं , इसलिए इसे मंगोलियन संलक्षण भी कहते हैं । सामान्यतः ऐसे बच्चे 8 से 12 वर्ष की उम्र तक ही जीवित रहते है ।